लॉकडाउन औऱ् अव्यवस्था के बीच पीस रहा समाज का अहम मजदूर वर्ग की पीड़ा सुनकर मन बैठ सा जाता है। ऐसी कई मामले सामने आए हैं, जब लोग अपने घरों की तरफ लौटने लगे हैं। मानवीय संवेदना लाचार होने के बाद अपने घर लौटना चाहती है। दो जून की रोटी का इंतजाम करने लोगों को लॉकडाउन के बाद घर लौटने पर ही मजबूर होना पड़ा। जिसको जो मिला उससे लौटा। इस बीच कई ऐसे भी लोग तो कई किलोमीटर का सफर करके अपने गांव लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर ऐसे ही दर्द की तीन कहानियां आपको बता रहा है। अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश स्थित अपने गांव लौटे लोगों का कहना है कि घर तो पहुंच गए, लेकिन गांव कैसे पहुंचे यह सबसे बड़ी चिंता है।
मकान मालिक ने घर खाली कराया, गांव आने के लिए नहीं मिलीं बसें और ट्रेन, मजबूरी में भूखे प्यासे पैदल चलकर पहुंचे